Old Pension Scheme: नमस्ते दोस्तों! आज की तारीख है 11 सितंबर 2025, और आज हम उस खबर पर बात करने जा रहे हैं जो इस समय देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। वापी से लेकर वाराणसी तक, हर सरकारी दफ्तर में बस एक ही सवाल है – क्या पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme – OPS) वापस आ रही है?
सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर “सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला” सुर्खियां बटोर रहा है, और यह दावा किया जा रहा है कि इस एक फैसले से आपकी रिटायरमेंट की पूरी तस्वीर बदल सकती है। लेकिन इस खबर की सच्चाई क्या है? क्या यह फैसला सभी कर्मचारियों पर लागू होगा? इस ब्लॉग पोस्ट में, हम आपको इस फैसले की हर परत को आसान भाषा में समझाएंगे और बताएंगे कि इसका वास्तव में आपके लिए क्या मतलब है।
What is the Supreme Court’s Decision? (क्या है सुप्रीम कोर्ट का यह बड़ा फैसला?)
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि यह फैसला क्या है और यह किन लोगों से संबंधित है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक विशेष मामले में यह फैसला सुनाया है कि वे सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) के हकदार होंगे, जिनकी भर्ती का विज्ञापन 31 दिसंबर 2003 (NPS लागू होने की कट-ऑफ डेट) से पहले जारी किया गया था, भले ही उनकी नियुक्ति प्रक्रिया या जॉइनिंग 1 जनवरी 2004 के बाद पूरी हुई हो।
सरल शब्दों में, अगर आपने जिस नौकरी के लिए अप्लाई किया था, उसका विज्ञापन 2003 में आया था, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण आपकी जॉइनिंग 2004 या उसके बाद हुई, तो भी आपको नई पेंशन योजना (NPS) में नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) में गिना जाएगा।
यह एक ऐतिहासिक फैसला है क्योंकि यह प्रशासनिक देरी की जिम्मेदारी सरकार पर डालता है, न कि कर्मचारी पर।
Who Will Benefit from This? (किन कर्मचारियों को मिलेगा इसका सीधा लाभ?)
यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि यह फैसला अभी सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं है। इसका सीधा लाभ केवल उन कर्मचारियों के एक खास समूह को मिलेगा जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हैं:
- जिनकी भर्ती का विज्ञापन (Recruitment Advertisement) 31 दिसंबर 2003 से पहले प्रकाशित हुआ था।
- जिनकी नियुक्ति (Joining) 1 जनवरी 2004 या उसके बाद हुई थी।
- जिन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध नई पेंशन योजना (NPS) में शामिल कर लिया गया था।
अगर आप इन शर्तों को पूरा करते हैं, तो यह फैसला आपके लिए एक बहुत बड़ी जीत है। आप इस फैसले के आधार पर OPS के लिए दावा कर सकते हैं।
What Does This Mean for Other Employees? (बाकी कर्मचारियों के लिए इस फैसले का क्या मतलब है?)
अब सवाल उठता है कि जो कर्मचारी इस दायरे में नहीं आते, उनके लिए इस फैसले का क्या महत्व है?
भले ही यह फैसला सीधे तौर पर आप पर लागू न हो, लेकिन यह पुरानी पेंशन की बहाली की लड़ाई में एक बहुत मजबूत कानूनी मिसाल (Legal Precedent) बन गया है। इस फैसले ने यह उम्मीद जगा दी है कि OPS की मांग निराधार नहीं है। कर्मचारी संगठन भविष्य में अपनी कानूनी लड़ाइयों में इस फैसले का हवाला दे सकते हैं। यह फैसला दिखाता है कि अदालतें भी मानती हैं कि पेंशन कर्मचारियों का एक महत्वपूर्ण अधिकार है।
इसलिए, इस फैसले से आपकी रिटायरमेंट सीधे तौर पर भले ही न बदले, लेकिन इसने OPS की वापसी की उम्मीदों को एक नई ताकत दी है।
A Quick Reminder: What is OPS vs NPS? (याद दिला दें: क्या है OPS और NPS का फर्क?)
चलिए एक बार जल्दी से देख लेते हैं कि इन दोनों पेंशन योजनाओं में मुख्य अंतर क्या है।
| फीचर | पुरानी पेंशन योजना (OPS) | नई पेंशन योजना (NPS) |
| पेंशन | गारंटीड पेंशन: आखिरी सैलरी का 50% हिस्सा। | कोई गारंटी नहीं: पेंशन बाजार के रिटर्न पर आधारित होती है। |
| कर्मचारी का योगदान | कोई योगदान नहीं (GPF में होता था)। | कर्मचारी को अपनी बेसिक सैलरी का 10% जमा करना होता है। |
| GPF की सुविधा | हाँ, जनरल प्रोविडेंट फंड की सुविधा थी। | नहीं, GPF की सुविधा नहीं है। |
| जोखिम | कोई जोखिम नहीं, पूरी जिम्मेदारी सरकार की। | बाजार का जोखिम, रिटर्न की कोई गारंटी नहीं। |
What are the Next Steps? (अब आगे क्या हो सकता है?)
- प्रभावित कर्मचारियों के लिए: जो कर्मचारी इस फैसले के दायरे में आते हैं, उन्हें इस फैसले की कॉपी के साथ अपने विभाग में OPS के लिए आवेदन करना होगा।
- अन्य कर्मचारियों के लिए: कर्मचारी संगठन इस फैसले को आधार बनाकर सरकार पर Old Pension Scheme बहाली के लिए दबाव बना सकते हैं और नई याचिकाएं दायर कर सकते हैं।
Official Sources (आधिकारिक जानकारी कहाँ से लें?)
इस तरह के संवेदनशील मामलों में, हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
- सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट: आप फैसलों की कॉपी के लिए सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं: https://main.sci.gov.in/
- DoPT की वेबसाइट: सरकार इस संबंध में जो भी सर्कुलर जारी करेगी, वह कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।
Conclusion (निष्कर्ष)
तो दोस्तों, संक्षेप में, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वास्तव में एक “बड़ी खबर” है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि यह किसके लिए है।
- मुख्य बात: यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए है जिनका विज्ञापन 2003 से पहले आया था लेकिन जॉइनिंग 2004 के बाद हुई।
- सबके लिए असर: यह फैसला सभी कर्मचारियों के लिए Old Pension Scheme की बहाली नहीं है, लेकिन यह उस दिशा में एक बहुत ही सकारात्मक और उम्मीद जगाने वाला कदम है।
इस फैसले ने लाखों कर्मचारियों की रिटायरमेंट की चिंता को एक नई उम्मीद दी है। यह दिखाता है कि पुरानी पेंशन की मांग को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि सरकार इस पर आगे क्या रुख अपनाती है।
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