Land Registry Documents: भारत में जमीन खरीदने-बेचने की प्रक्रिया बिना रजिस्ट्री के अधूरी मानी जाती है। रजिस्ट्री यानी जमीन का कानूनी रूप से मालिकाना हक अपने नाम कराना। हाल ही में सरकार ने जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों को लेकर नए नियम साफ किए हैं। अगर आप भी अपनी जमीन या मकान की रजिस्ट्री करवाना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके बहुत काम की है।
Land Registry क्यों जरूरी है?
जमीन की रजिस्ट्री करना कानूनी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
रजिस्ट्री होने के बाद ही जमीन का मालिकाना हक खरीदार के नाम पर सुरक्षित हो जाता है। अगर रजिस्ट्री नहीं कराई जाती, तो भविष्य में विवाद या धोखाधड़ी की संभावना बनी रहती है।
आधिकारिक तिथि और सूचना
- नए नियम जुलाई 2025 से लागू हो चुके हैं।
- अब देशभर में जमीन रजिस्ट्री के लिए एक समान दस्तावेज और प्रक्रिया लागू की जाएगी।
आधिकारिक वेबसाइट
- जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी और ऑनलाइन प्रक्रिया राज्यवार उपलब्ध है।
- सबसे सामान्य वेबसाइट: https://igrindia.gov.in
- यहां जाकर आप अपने राज्य की रजिस्ट्री सेवा चुन सकते हैं।
आधिकारिक नोटिफिकेशन और पीडीएफ
सरकार ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन पीडीएफ जारी किया है।
- इसमें रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य दस्तावेजों की सूची है।
- साथ ही, ऑनलाइन आवेदन और शुल्क संरचना भी बताई गई है।
- यह पीडीएफ आपके राज्य की पंजीकरण विभाग वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है।
रजिस्ट्री के लिए जरूरी 5 दस्तावेज
Land Registry कराते समय इन 5 दस्तावेजों का होना अनिवार्य है:
- आधार कार्ड और पैन कार्ड – पहचान और टैक्स संबंधित जानकारी के लिए।
- सेल डीड (Sale Deed Draft) – खरीदार और विक्रेता के बीच बिक्री का कानूनी दस्तावेज।
- जमीन का खसरा-खतौनी / रिकॉर्ड ऑफ राइट्स – यह साबित करने के लिए कि विक्रेता ही असली मालिक है।
- एग्रीकल्चर/नॉन-एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट – यह बताने के लिए कि जमीन का उपयोग किस उद्देश्य से होगा।
- स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क की रसीद – सरकार को दिया गया शुल्क, जिसके बिना रजिस्ट्री मान्य नहीं होती।
कौन हैं पात्र (Eligibility)
- कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक है और जमीन खरीदना चाहता है।
- खरीदार की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- वैध दस्तावेजों और पहचान पत्र के साथ ही प्रक्रिया पूरी होगी।
पोस्ट और सैलरी (Post & Salary Style)
यहां पोस्ट का मतलब है खरीदार और विक्रेता की जिम्मेदारी।
- खरीदार (Purchaser): जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराएगा और शुल्क भरेगा।
- विक्रेता (Seller): यह सुनिश्चित करेगा कि जमीन पर कोई कानूनी बंधन या विवाद न हो।
किन्हें नहीं मिलेगा लाभ (Prohibition)
- विवादित जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी।
- फर्जी दस्तावेजों के साथ की गई डील रद्द कर दी जाएगी।
- नाबालिग या अवैध मालिकाना हक रखने वाले व्यक्ति जमीन बेच नहीं सकते।
आवेदन प्रक्रिया (Application Form)
- रजिस्ट्री के लिए आवेदन आप राज्य की पंजीकरण वेबसाइट पर कर सकते हैं।
- Application Form PDF ऑनलाइन उपलब्ध होता है।
- इसमें खरीदार और विक्रेता दोनों की जानकारी भरनी होती है।
- फॉर्म जमा करने के बाद आपको स्लॉट बुकिंग कर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में जाना होगा।
एडमिट कार्ड/डाउनलोड लिंक (Admit Card Style Info)
रजिस्ट्री प्रक्रिया में एडमिट कार्ड जैसा कोई दस्तावेज नहीं होता।
लेकिन आवेदन के बाद आपको एक Acknowledgement Slip मिलती है।
- यह स्लिप आप वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
- इसमें आपकी अपॉइंटमेंट तारीख और रजिस्ट्री ऑफिस का नाम होता है।
आवेदन शुल्क (Application Fees)
- स्टाम्प ड्यूटी: जमीन की कीमत के हिसाब से तय होती है (आमतौर पर 5%–7%)।
- रजिस्ट्री शुल्क: 1% के आसपास।
- ऑनलाइन भुगतान करने पर रसीद तुरंत मिल जाती है।
वैकेंसी डिटेल्स (Vacancy Style Info)
यहां “वैकेंसी” का मतलब है कि कितनी जमीनें रजिस्ट्री के लिए पेंडिंग या ओपन हैं।
- कई राज्यों में अब ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग शुरू हो चुकी है।
- आप अपनी सुविधानुसार उपलब्ध डेट चुनकर रजिस्ट्री करवा सकते हैं।
निष्कर्ष – Land Registry
जमीन की खरीद-बिक्री को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को और आसान कर दिया है।
- 5 अनिवार्य दस्तावेजों के बिना अब रजिस्ट्री संभव नहीं होगी।
- ऑनलाइन आवेदन और स्लॉट बुकिंग से अब लंबी लाइन लगाने की जरूरत नहीं है।
- सभी अपडेट और पीडीएफ आपके राज्य की पंजीकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
अगर आप जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन नियमों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करें। इससे आपकी रजिस्ट्री बिना किसी परेशानी के पूरी हो जाएगी।
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